Articles by "Churah"


चंबा जिले की ग्राम पंचायत दियोला में छत से नीचे गिरकर घायल हुए युवक को दो किलोमीटर पालकी में उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ा। डेढ़ माह से गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बंद पड़ा हुआ है। इससे ग्रामीणों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। ऐसे में जब युवक घर की छत से नीचे गिरने से घायल हुआ तो उसे परिजन और ग्रामीण पालकी में उठाकर अस्पताल की तरफ निकल पड़े। जेरा गांव से शॉर्ट कट रास्ते से करीब दो किलोमीटर पालकी में उठाकर उसे परियोजना की सड़क तक पहुंचाया गया। यहां से आगे घायल को निजी वाहन के जरिये उपचार के लिए सिविल अस्पताल तीसा पहुंचाया गया। ग्रामीणों हंसराज, कमल कुमार, चेत राम, मनोज कुमार, सुनील कुमार और टेक चंद ने बताया कि दियोला की बग्गा-कुठेड़-कुंडोलू सड़क पर डेढ़ माह से यातायात बंद पड़ा है।

इसकी वजह से ग्रामीणों को आवाजाही करने में दिक्कत हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में हो रही है। ऐसे में लोगों को पालकी या पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। सड़क का निर्माण पंचायत ने करवाया है। इसके चलते लोक निर्माण विभाग सड़क की बहाली को लेकर जवाबदेह नहीं है। जबकि पंचायत की तरफ से मार्ग को बहाल नहीं करवाया जा रहा है। इसके लिए लोगों ने स्थानीय प्रशासन और पंचायत से मांग की है कि सड़क को तुरंत बहाल करवाया जाए। सड़क बंद होने से बग्गा, जेरा, दिलेला, कुठेड़, चोहरी, मलोण, डुघयाडा़, कुंडोलू सहित अन्य गांवों की आबादी प्रभावित हो रही है। दियोला पंचायत प्रधान पदमो देवी ने बताया कि बंद मार्ग को बहाल करवाने के लिए जल्द व्यवस्था करवाई जाएगी।


चीह पंचायत के तहत आती राजकीय उच्च पाठशाला चीह के भवन पर डबी पहाड़ दरकने से भारी भरकम चट्टान लेंटर को तोड़कर सीधी अंदर जा गिरी। इससे कमरा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है जबकि स्कूल के दूसरे कमरे में भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। घटना शुक्रवार सुबह 7:00 बजे की बताई जा रही है। गनीमत यह रही कि इन दिनों स्कूल में छुट्टियां हैं। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। खैर, सूचना मिलने के बाद मुख्याध्यापक ने मौके पर पहुंच कर बीईईओ सलूणी को घटना के बारे में सूचना दी। वहीं पंचायत पंचायत प्रधान और स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने शिक्षा विभाग से सोमवार से विद्यालय खुलने पर विद्यार्थियों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करने की मांग की है जिससे कोई अप्रिय घटना न हो। गौरतलब है कि भारी बारिश से पहाड़ दरकना शुरू हो गए हैं। शुक्रवार सुबह डबी पहाड़ के दरकने से स्कूल में गिरी विशालकाय चट्टान के कारण कमरे के भीतर रखे टेबलों, कुर्सियों समेत गोदरेज की अलमारी, दरवाजे और खिड़कियों को भारी क्षति पहुंची है। इतना ही नहीं चट्टान गिरने के धमाके से स्कूल के दूसरे कमरे में भी दरारें आई हैं। ऐसे में अब स्कूल में बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। स्कूल में वर्तमान समय में 26 विद्यार्थी शिक्षारत हैं।

स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रकाश चंद ने बताया कि चट्टान गिरने से स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हो गया है जो अब बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। पहाड़ी से भूस्खलन का क्रम जारी है। कहा कि 13 फरवरी से बच्चों की कक्षाएं शुरू हो रही हैं। उन्होंने उपायुक्त चंबा और शिक्षा उपनिदेशक से मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उन्हें दूसरी जगह पर स्थानांतरित किया जाए जिससे बच्चों को दिक्कत न हो। बीईईओ सलूणी जगदीश चंद शर्मा ने बताया कि मुख्याध्यापक द्वारा उन्हें फोन के माध्यम से जानकारी दी गई है। जिस बारे उच्च शिक्षा उपनिदेशक को अवगत करवाया गया है। बताया कि सोमवार को मुख्याध्यापक विद्यालय संबंधी अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंपेंगा। चीह पंचायत प्रधान राकेश कुमार खन्ना ने बताया कि विशालकाय चट्टान विद्यालय का लैंटर तोड़ कमरे में पड़ी है। गनीमत, ये रही कि किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई है। उन्होंने उपायुक्त चंबा और चुराह प्रशासन से मांग उठाई है किबच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें अन्यत्र शिफ्ट किया जाए। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो


तीसा : विधानसभा क्षेत्र चुराह में बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे खोखले ही साबित हो रहे हैं। यहां ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए खोले गए स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्टाफ की कमी मरीजों का मर्ज बढ़ा रही है। स्वास्थ्य उपकेंद्रों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य लाभ न मिलने पर मजबूरन मीलों सफर तय कर सिविल अस्पताल तीसा का रुख करना पड़ता है। गौरतलब है कि विधानसभा क्षेत्र चुराह में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए 18 स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले गए हैं। इनमें से 7 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्टाफ ही नहीं है। यहां पर प्रतिनियुक्ति पर ही व्यवस्था चलाने की कोशिश की जा रही है। इनमें स्वास्थ्य उपकेंद्र चरड़ा, भराड़ा, गडफरी, थल्ली, गनेड़, चरोड़ी और सनवाल शामिल हैं। इनमें 14 पुरुष स्वास्थ्य कर्मियों और 9 महिला स्वास्थ्य कर्मियों के पद एक दशक से खाली हैं। विभागीय नियमानुसार प्रत्येक स्वास्थ्य उपकेंद्र पर एक पुरुष और एक महिला स्वास्थ्य कर्मी तैनात करने की व्यवस्था है। बावजूद यहां पर हालात ऐसे बने हुए हैं कि स्टाफ को पूरा कर पाना विभाग के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार के घरद्वार स्वास्थ्य सेवाएं देने की पोल चुराह विधानसभा क्षेत्र में खुल रही है।

ग्रामीणों लेखराज, अंबिया राम, हाकम चंद, नरेश कुमार, प्रीतम चंद, जगदीश, उमेश कुमार, रमेश कुमार, प्रवीन कुमार, योगराज आदि ने बताया कि क्षेत्र के लोगों को सर्दी-जुकाम और बुखार की दवाई लेने के लिए भी कई किलोमीटर का सफर तय कर सिविल अस्पताल तीसा का रुख करना पड़ता है। वहीं स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्टाफ की कमी से स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाएं धरातल तक नहीं पहुंच रही हैं। वहीं जच्चा-बच्चा कार्यक्रम से संबंधित समस्त कार्यक्रम भी समय पर पूरे नहीं हो पाते हैं। इससे गर्भवती महिलाओं को दो-चार होना पड़ रहा है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों में रिक्त पदों के बारे में विभागीय आलाधिकारियों को अवगत करवाया गया है

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget